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अंडकोषीय मरोड़ (testicular torsion) का तात्पर्य शुक्राणु कॉर्ड के मुड़ने से है, जो वृषण को अंडकोश में निलंबित रखता है, जिससे रक्त की आपूर्ति बाधित होती है। शारीरिक रूप से, अंडकोषीय मरोड़ को दो प्राथमिक प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: इंट्रावजाइनल (intravaginal) और एक्स्ट्रावजाइनल (extravaginal)। यद्यपि दोनों प्रकारों में चिकित्सकीय रूप से समान लक्षण प्रकट होते हैं और अक्सर समान आपातकालीन उपचार की आवश्यकता होती है, फिर भी उनके अंतर्निहित मरोड़ के तंत्र भिन्न होते हैं।
इंट्रावजाइनल मरोड़ (Intravaginal Torsion):
यह प्रकार तब होता है जब वृषण, वृषण को घेरने वाली थैली, ट्यूनिका वेजिनैलिस (tunica vaginalis) के *भीतर* मुड़ जाता है। यह आमतौर पर "घंटी-क्लैपर" विकृति के रूप में जानी जाने वाली एक शारीरिक भिन्नता से जुड़ा होता है, जहाँ ट्यूनिका वेजिनैलिस का गुबर्नैकुलम (gubernaculum) और अंडकोश की दीवार से अपर्याप्त जुड़ाव होता है, जिससे वृषण स्वतंत्र रूप से घूमने और ट्यूनिका के अंदर अपने शुक्राणु कॉर्ड को मोड़ने में सक्षम होता है। यह विशेष रूप से किशोरों और वयस्कों में अधिक सामान्य प्रकार है।
एक्स्ट्रावजाइनल मरोड़ (Extravaginal Torsion):
यह दुर्लभ रूप तब होता है जब वृषण, ट्यूनिका वेजिनैलिस और शुक्राणु कॉर्ड *सभी एक साथ, ट्यूनिका वेजिनैलिस के बाहर* मुड़ जाते हैं। यह ट्यूनिका वेजिनैलिस के अंडकोश की दीवार से जुड़ाव की कमी के कारण होता है, जिससे पूरे वृषण-ट्यूनिका कॉम्प्लेक्स को उच्च स्तर पर, आमतौर पर उस बिंदु के ऊपर घूमने की अनुमति मिलती है जहाँ ट्यूनिका वेजिनैलिस संलग्न होती है। यह प्रकार मुख्य रूप से नवजात शिशुओं को प्रभावित करता है और जन्म से पहले या जन्म के आसपास होता है।
अंडकोषीय मरोड़ के प्रकार क्या हैं?
इंट्रावजाइनल मरोड़ (Intravaginal Torsion):
यह प्रकार तब होता है जब वृषण, वृषण को घेरने वाली थैली, ट्यूनिका वेजिनैलिस (tunica vaginalis) के *भीतर* मुड़ जाता है। यह आमतौर पर "घंटी-क्लैपर" विकृति के रूप में जानी जाने वाली एक शारीरिक भिन्नता से जुड़ा होता है, जहाँ ट्यूनिका वेजिनैलिस का गुबर्नैकुलम (gubernaculum) और अंडकोश की दीवार से अपर्याप्त जुड़ाव होता है, जिससे वृषण स्वतंत्र रूप से घूमने और ट्यूनिका के अंदर अपने शुक्राणु कॉर्ड को मोड़ने में सक्षम होता है। यह विशेष रूप से किशोरों और वयस्कों में अधिक सामान्य प्रकार है।
एक्स्ट्रावजाइनल मरोड़ (Extravaginal Torsion):
यह दुर्लभ रूप तब होता है जब वृषण, ट्यूनिका वेजिनैलिस और शुक्राणु कॉर्ड *सभी एक साथ, ट्यूनिका वेजिनैलिस के बाहर* मुड़ जाते हैं। यह ट्यूनिका वेजिनैलिस के अंडकोश की दीवार से जुड़ाव की कमी के कारण होता है, जिससे पूरे वृषण-ट्यूनिका कॉम्प्लेक्स को उच्च स्तर पर, आमतौर पर उस बिंदु के ऊपर घूमने की अनुमति मिलती है जहाँ ट्यूनिका वेजिनैलिस संलग्न होती है। यह प्रकार मुख्य रूप से नवजात शिशुओं को प्रभावित करता है और जन्म से पहले या जन्म के आसपास होता है।