ओटोस्क्लेरोसिस, जिसे आंतरिक कान के कैल्सीफिकेशन के रूप में भी जाना जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसका सबसे आम लक्षण सुनने में कमी है। यह सुनने में कमी आमतौर पर कम-आवृत्ति वाले या उच्च-पिच वाले ध्वनियों को सुनने में कठिनाई के रूप में प्रकट होती है और समय के साथ बढ़ सकती है। यह अक्सर द्विपक्षीय रूप से अनुभव की जाती है। सुनने में कमी के अलावा, ओटोस्क्लेरोसिस के अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

* चक्कर आना और संतुलन संबंधी समस्याएं: चूंकि आंतरिक कान सुनने और संतुलन दोनों कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है, ओटोस्क्लेरोसिस से चक्कर आना और संतुलन का नुकसान हो सकता है।
* कान बजना (टिनिटस) और कान का दर्द: टिनिटस (कानों में बजने की आवाज) और कान का दर्द भी ओटोस्क्लेरोसिस के सामान्य लक्षण हैं।
* धीमी आवाज में बोलने की प्रवृत्ति: ओटोस्क्लेरोसिस के मरीज अक्सर धीमी आवाज में बात करने की प्रवृत्ति रखते हैं क्योंकि वे अपनी आवाज को अधिक तेज मानते हैं।
* विलिस पैराक्यूसिस (Willis Paracusia): इस स्थिति की विशेषता यह है कि शोरगुल वाले वातावरण में मरीज आसपास के शोर को कम और बातचीत को अधिक स्पष्ट रूप से सुनते हैं। यह ओटोस्क्लेरोसिस का एक विशिष्ट लक्षण है।