पेरिकार्डियल इफ्यूजन का निदान करने के लिए, एक विशेषज्ञ डॉक्टर रोगी के चिकित्सा इतिहास का गहन मूल्यांकन करता है और एक व्यापक शारीरिक परीक्षण करता है। इस परीक्षण के दौरान, निम्न रक्तचाप, टैकीकार्डिया (तेज़ हृदय गति), और गर्दन की नसों में सूजन (जुगुलर शिरा फैलाव) जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। निदान की पुष्टि करने और इफ्यूजन की विशेषताओं को निर्धारित करने के लिए, निम्नलिखित अतिरिक्त परीक्षणों का अनुरोध किया जा सकता है:
* इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी): हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है।
* छाती का एक्स-रे: विशेष रूप से बड़े इफ्यूजन में, हृदय के आकार में वृद्धि देखी जा सकती है।
* कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी): छाती गुहा की विस्तृत क्रॉस-सेक्शनल छवियां प्रदान करता है।
* कार्डियक मैग्नेटिक रेजोनेंस (एमआरआई): हृदय और पेरिकार्डियम की उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग प्रदान करता है।
* इकोकार्डियोग्राम (हृदय अल्ट्रासाउंड): हृदय पर पेरिकार्डियल इफ्यूजन की उपस्थिति, मात्रा और प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण नैदानिक ​​विधि है।