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नॉन-स्ट्रेस टेस्ट (एनएसटी) आमतौर पर गर्भावस्था के 32वें सप्ताह के बाद भ्रूण के स्वास्थ्य और कल्याण का आकलन करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, हर गर्भवती महिला को इस परीक्षण की आवश्यकता नहीं हो सकती है। एक चिकित्सक द्वारा एनएसटी को विशेष रूप से निम्नलिखित स्थितियों में आवश्यक माना जा सकता है:
* जब नियत तारीख बीत चुकी हो
* उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का निदान
* भ्रूण की गतिविधियों में कमी महसूस होना
* यदि भ्रूण अपनी गर्भकालीन आयु के लिए छोटा है (अंतर्गर्भाशयी विकास प्रतिबंध)
* जुड़वां या अधिक गर्भधारण
* यदि भ्रूण आरएच-नेगेटिव है
एनएसटी (नॉन स्ट्रेस टेस्ट) क्यों किया जाता है?
* जब नियत तारीख बीत चुकी हो
* उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का निदान
* भ्रूण की गतिविधियों में कमी महसूस होना
* यदि भ्रूण अपनी गर्भकालीन आयु के लिए छोटा है (अंतर्गर्भाशयी विकास प्रतिबंध)
* जुड़वां या अधिक गर्भधारण
* यदि भ्रूण आरएच-नेगेटिव है