इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी (ईईजी) मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करके तंत्रिका संबंधी स्थितियों के निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मस्तिष्क तरंगों के विस्तृत विश्लेषण के लिए मूल्यवान डेटा प्रदान करती है, जिससे विभिन्न विकारों का शीघ्र पता लगाने और उनका वर्गीकरण करने में मदद मिलती है। ईईजी का उपयोग विद्युत गतिविधि में परिवर्तनों की विशेषता वाली कई स्थितियों के निदान में किया जाता है, जैसे मिर्गी, डिमेंशिया, नींद संबंधी विकार और पोस्ट-ट्रॉमैटिक मस्तिष्क की चोटें।

ईईजी करने के मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- मिर्गी का निदान और निगरानी।
- मस्तिष्क की सूजन संबंधी बीमारियों (जैसे, एन्सेफलाइटिस) का निदान।
- बेहोशी के एपिसोड (चक्कर आना) की जांच।
- याददाश्त में कमी का मूल्यांकन।
- पुराने सिरदर्द के कारण का निर्धारण।
- नींद संबंधी विकारों का निदान।
- विकासात्मक देरी, सीखने की अक्षमताओं और बौद्धिक अक्षमताओं का आकलन।
- भ्रम या चेतना के नुकसान से जुड़ी मनोरोग स्थितियों का विभेदक निदान।
- दर्दनाक मस्तिष्क की चोटों का आकलन।
- अल्जाइमर रोग का निदान।
- मस्तिष्क ट्यूमर का मूल्यांकन।