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कॉर्नियल क्रॉस-लिंकिंग एक उपचार विधि है जिसका उद्देश्य कॉर्निया के प्राकृतिक कोलेजन फाइबर के बीच क्रॉस-लिंक की संख्या बढ़ाकर कॉर्निया की संरचना को मजबूत और सुदृढ़ करना है। यह प्रक्रिया राइबोफ्लेविन (विटामिन बी2) की बूंदों और पराबैंगनी ए (यूवीए) प्रकाश का उपयोग करके की जाती है।