गर्भाशय कैंसर के एक या अधिक संदिग्ध लक्षण अनुभव करने वाली महिलाओं के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे बिना किसी देरी के स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। विशेषज्ञ द्वारा की गई श्रोणि परीक्षा (pelvic examination) के बाद, निदान की पुष्टि के लिए आगे के परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है। इन प्राथमिक परीक्षणों में शामिल हैं: योनि अल्ट्रासोनोग्राफी (vaginal ultrasonography), हिस्टेरोस्कोपी (hysteroscopy), पैथोलॉजिकल जांच (biopsy), कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT), मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI)।