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एडेनोमायोसिस के निदान के लिए एक व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया की आवश्यकता होती है। शुरू में, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ या महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा एक विस्तृत शारीरिक परीक्षण किया जाता है। इस परीक्षण के दौरान, गर्भाशय के आकार, कोमलता और स्थिरता का आकलन किया जाता है। इसके बाद, रोगी के चिकित्सा इतिहास और लक्षणों की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाती है। निदान के लिए उपयोग की जाने वाली अन्य विधियों में शामिल हैं:
* अल्ट्रासोनोग्राफी (Ultrasonography): गर्भाशय की मांसपेशी परत के मोटे होने या गर्भाशय के भीतर अल्सर को देखने के लिए उपयोग किया जाता है।
* मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI): एडेनोमायोसिस का निदान करने और श्रोणि क्षेत्र में अन्य संभावित स्थितियों से इसे अलग करने के लिए अधिक विस्तृत छवियां प्रदान करता है।
* बायोप्सी (Biopsy): दुर्लभ मामलों में, निश्चित निदान के लिए गर्भाशय के ऊतक की बायोप्सी ली जा सकती है। यह आमतौर पर तब पसंद किया जाता है जब अन्य विधियां निर्णायक परिणाम नहीं देती हैं।
एडेनोमायोसिस का निदान कैसे किया जाता है?
* अल्ट्रासोनोग्राफी (Ultrasonography): गर्भाशय की मांसपेशी परत के मोटे होने या गर्भाशय के भीतर अल्सर को देखने के लिए उपयोग किया जाता है।
* मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI): एडेनोमायोसिस का निदान करने और श्रोणि क्षेत्र में अन्य संभावित स्थितियों से इसे अलग करने के लिए अधिक विस्तृत छवियां प्रदान करता है।
* बायोप्सी (Biopsy): दुर्लभ मामलों में, निश्चित निदान के लिए गर्भाशय के ऊतक की बायोप्सी ली जा सकती है। यह आमतौर पर तब पसंद किया जाता है जब अन्य विधियां निर्णायक परिणाम नहीं देती हैं।