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कोलोनोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जो रोगी की सहमति प्राप्त करने के बाद की जाती है। हालांकि, कुछ स्थितियों में, रोगी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, कोलोनोस्कोपी को स्थगित करना या न करना उचित हो सकता है। इन स्थितियों में मुख्य रूप से शामिल हैं: अपर्याप्त आंत्र तैयारी, आंत्र वेधन (परफोरेशन) का उच्च जोखिम, गंभीर आंत्र सूजन, पेरिटोनिटिस (पेरिटोनियम की सूजन), और दिल के दौरे का उच्च जोखिम वाले रोगी।